FREE ONLINE COSMETOLOGY COURSE

My Dear Friend This is Susheela from Himachal Pradesh, Providing Beautician Course free Of cost online on my blog names trybeautytips.com , I will cover all the topics which is basic requirement from a Beautician or cosmetologist.

Topics which we are Covering in online cosmetology Courses are given Below:

Furniture required for a cosmetologist

Furniture (फर्नीचर)

फर्नीचर का चुनाव=ब्यूटी पार्लर का निर्माण करते समय उसमें प्रयोग होने वाले सभी फर्नीचरो का चुनाव सावधानीपूर्वक से किया जाना चाहिए। ब्यूटी पार्लर के कार्यों को करने के लिए विशेष फ्रनीचर का बनवा जाना आवश्यक होता है। इस कार्य को करना आसान हो जाता है।अत ब्यूटी पार्लर के अंतर्गत किय जाने सौंदर्य उपचारों को सुविधाजनक तथा आसानी से सम्पन्न करने के लिय निम्नलिखित फर्नीचरों का चुनाव आवश्यक रूप से करना पड़ता है।

Furniture

Facial table

facial table का प्रयोग facial मसाज तथा त्वचा सम्बन्धी उपचा रो को करने के लिए किया जाता है। सौंदर्य सबनधी अन्यक कार्य इसे है जिनको सुविधापूर्वक करने तथा client को विशेष आरामदायी स्थिति में होती है।जिनकी ऊंचाई समान्य 30इंच से 32 इंच तक हो सकती है ।

Trolley

Facial मसाज तथा त्वचा संबंधी उपचारों में काम आने प्रसाधनों समग्री को रखने के लिए इस ट्राली का प्रयोग किया जाता है।सभी उपचारों को करते समय विभिन्न प्रकार के उपकरणों जैसे cream, powder जैसे अनेक प्रसाधनों का प्रयोग होता है यह ट्रलियाविभिन्न आकारो की बनी होती है।तथा इन्हे आप स्वेम ही अपनी आश्यकता को ध्यान में रखकर बनवा सकती है।

Manicure table trolley

हाथो के लिए किए जाने वाले सौंदर्य उपचार manicure को सु विधा से संपन्न करने के लिए एक वि शेष प्रकार manicure व client के महक में इस टेबल को रखकर का काम किया जाता है।इस वि शेष टेबल को रखकर कार्य कर सकते है। इसमें पानी के टब रखने की व्यवस्था होती है। अगर आप चाहे तो समान को रखने के लिए दराज भी इस में बनवा सकती है ग्राहक को बैठने के लिए सोफ़ा या कुर्सी का चुनाव करें।

Sterilization and Sanitization

Sterilization and Sanitization एक सौंदर्य प्रसाधिका के लिए आवश्यक है कि वह अपने आस पास की जगह को साफ रखें।जिस समान का प्रयोग कर रहे है वह कीटाणु रहित होने चाहिए। उंगलियों तथा नाखूनों में मेल जम जाती है अतः उन्हें अज़्छी प्रकार से नेल ब्रश से साफ करना चाहिए।सभी प्रकार की वस्तुएं जैसे क्रीम लिपस्टिक को यूज करते समय स्पे चुला की सहायता से निकालना चाहि़ य। जो सामान बच जाय उसे फेक देना चाहिए

Sterilization को दो भागो से बांटा गया है।

  • Physical agents
  • Chemical agents

Physical agents

  1. Ultra violet rays:– ओजारो तथा अन्य सभी प्रकार के उपकरणों को कीटाणु रहित करने के केई तरीके है। परन्तु आधुनिक युग मे कीटाणु रहित करने का सबसे अच्छा तरीका U.V rays का है जो कि जायदा तर saloon में प्रयोग किया जाता है इसमें सभी ओजारो को U.v rays को केबिनेट में बंद किया जाता है ताकि rays सीधी उपकरणों पर पड़े तथा एह कीटाणु रहित हो जाए। इस केबिनेट में सभी उपकरण लगभग 2 से 5 मिनट में ही कीटाणु रहित हो जाते है। तथा केबिनेट को साफ करने को भी आश्यकता नहीं रहतीं। Rays से प्लास्टिक के उपकरणों को कोई हानि नहीं पहुंचती तथा उपकरण कम समय में कीटाणु रहित हो जाते है।

2. Vapour capinet:- यह एक प्रकार की भटी होती है जिसमे भाप Filament से तपती है और भाप केबिनेट में जाकर ओजारो को sterilize या कीटाणु रहित के दे ती है।

Chemical agents

कीटाणु नाशक दवाइयों से भी उपकरण को कीटाणु रहित किया जाता है इसके प्रियोग से कीटाणु मर जाते है।कीटाणु नाशक के गुण आसानी से तैयार किया जा सके।

Saloon में प्रियोग किए जाने रसायन Compounds

रसायन कांच के उपकरण को साफ करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। यह तेल गंध और रंग हिन्न वाला कीटाणु नाशक है जो कि इसके घोल के उपर निर्भर करता है, की वह कितने समय में कीटाणु रहित को नष्ट कर देगा।ओसतन यह से 5 मिनट में कीटाणु रहित कीटाणु का नाश कर देता है।

  • formaldehyde:-यह कीटाणु कोगंध हीन बनाता है
  • Alcohal:- यह नुकीले व कांच के बने उपकरणों को साफ करने के लिए काम आता है
  • Lizol:-फर्श क्लीनर आपको और आपके घर को साफ रखने के साथ हानिकारक कीटाणुओं से बचाता है
  • Phenyl:-अस्पताल,नर्सिंग होम,नालियों, शौचालयों जैसी जगहों को कवर करने वाले क्षेत्रों कीटाणुरहित करने के लिए एक मजबूत दुर्गन्ध और कीटाणुनाशक है

प्रयोग करते समय सुरक्षा व सावधानियां

  • Chemical को हमेशा कम मात्रा में ले तथा dry स्थान में रखें
  • उसे सावधानीपर्वक जांच करे
  • बोतल को बंद कर के रखे।
  • किसी भी रसायन को जायदा देर तक ना सूंघे।
  • रसायन को मिलाते समय फर्श पर न गिराए उसे बक्से या बॉक्स में रखे।

Client consultation ( ग्राहक परामर्श)

Client consultation (ग्राहक परामर्श)- बालो को संवारने तथा सुन्दर बनाना एक प्रकार की कला है । जिस प्रकार एक दुकानदार अपनी वस्तुएं बेचने के लिए अच्छी प्रकार से सजा कर रखता है वह भी एक ग्राहक को अपनी ओर आकर्षित करता है एक ग्राहक के साथ हमारे संबंध अच्छे होने चाहिए तथा एक cosmetology को निम्न लिखित बाते चाहीए।

  1. इस बात को ध्यान रखना चाहिए कि ग्राहक को किस किस प्रकार के ट्रीटमेंट की आवश्कता है। तथा उसे देखकर आप प्रसन्न है।
  2. ग्राहक के साथ भरपूर भाषा के साथ बोलना चाहिए।
  3. ग्राहक की समस्याओं को ध्यान से सुनना चाहिए।
  4. .ग्राहक के समान एकत्रित कर के रखे तथा ग्राहक को आरामदायक स्थिति में बैठा य।और उसकी बातों को अच्छी श्रोता की भांति सुने।
  5. ग्राहक के सामने सहयोगी की आलोचना न करें।
  6. व्यक्तिगत रूप तथा टाइलिफोन पर से बात न करें।
  7. दूसरो पर अच्छा प्रभाव डाले तथा आत्मविश्वास तथा सुन्दर व अच्छा व्यक्तित्व हो
  8. .ग्राहक के नाम के सामने ,miss का प्रयोग करें।
  9. अपने कार्य के प्रति समय बांट लेना चाहिए।
  10. रोज मिलने वाले चार्ट को ऐसे बनाए की पहले समय में आने वाले को प्राथमिकता मिले।

Types of communication (संचार करने के तरीके)

  • मौखिक संचार
  • अमोखिक
  • लिखित संचार

मौखिक संचार (Verbal Communication)

इस संचार में कोई भी सूचना या संदेश किसी भी भाषा में बोलकर या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है। एह प्रक्रिया सीधी व सरल है। इस प्रक्रिया में व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से या समूह आमने सामने या फोन द्वारा भी अपने विचारो का आदान प्रदान कर सकते है। इस संचार को मोखिक संचार कहते है। यह संचार सस्ता तथा कम समय में हो जाता है।

अमौखिक संचार (Non-linear communication)

इस संचार में कोई भी संदेश तथा सूचना जब बिना बोले अर्थात लिखक र भे जी जाती है।वह अमोखिक संचार कहलाता है इस संचार में संदेश या सूचना के लिए व्यक्ति को संपर्क में नहीं आना पड़ता है। भेजे जाने वाला संदेश सस्ता तथा सरल होता है।जिसके पड़ने वाले व्यक्ति को आसानी से समझ आ जाता है। अमोखिक संचार में व कर्ता द्वारा अपने बाल को तस्वीरों अथवा लिखकर प्रकट किया जाता है।

लिखित संचार ( Written Communication)

दृश्य संचार की भांति ही लिखकर संचार भी अमोखिक संचार का अभिन अंग है। जबकि यह सत्य है कि प्रभावी अंग से लिखना कई घंटो की तैयारी संशोधन यवम संगट्ठन का परिणाम होता है। लिखने में स्पष्ट यता मनुष्य के ज्ञान अनुशासन और कल्पना शक्ति से आती है अमोकिख संचार के अंग लिखित संचार को कब प्रयोग करना चाहिए। यह निम्नलिखित तथ्यों से स्पष्ट होता है।

  • जब संचार भविष्य के लिए उसे record में रखता हो।
  • जब संदेश इतना जटिल हो कि प्राप्त कर्ता को इसे समझने के लिए आप में पड़ने की आवश्यकता हो।
  • जब मौखिक संचार सम्भव ना हो क्योंकि लोग एक समय में एक ही संस्थान पर उपलब्ध नहीं हो जाते है।
  • यह सस्ता संचार माध्यम है

Importance of communication ( संचार का महत्व)

  • संचार द्वारा व्यक्तियों को किसी भी विषय में जानकारी प्राप्त होती है। जिसके पश्चात व उत्तर दे सके तथा वह उस विषय पर काम कर सके।
  • संचार अपने विचारो को दूसरे के समक्ष प्रकट करने का सरल तरीका है।
  • संचार द्वारा किया गया कार्य सरल होता है
  • संचार द्वारा किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले विचार करने में सहायक प्राप्त होती है
  • संगठन में यदि संचार प्रक्रिया सरल हो तो स संगठन सुचारू रूप से चलता है।
  • संचार द्वारा निम्न स्तर पर कार्य करने वाले व्यक्तियों से नए उत्पादन के लिए सरल सलाह ले के या उसके विचार लेकर उच्च अधिकारियों को उत्पादन में काफ़ी सहायता मिल सकती है।यदि संचार उपयुक्त हो तो प्रबंध क को कोई भी निर्णय लेने में कठिनाई नहीं होती

Communication Skills ( संचार कौशल)

Communication Skills ( संचार कौशल) परिभाषा

संचार कोशल या बातचीत करना एक प्रक्रिया है जिसमें किसी भी सूचना या समाचार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाए जाते है। अर्थात किसी जान कारी भाव तथा विचारो को दूसरे व्यक्तियों तक पहुंचाना संचार कहलाता है

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Communication Skills

Communication Skills प्रभावी ढंग से संवाद करने में सक्षम होना शायद सभी जीवन कौशल में सबसे महत्वपूर्ण है। यह वह है जो हमें अन्य लोगों को जानकारी पारित करने में सक्षम बनाता है, और यह समझने के लिए कि हमें क्या कहा जाता है। आपको केवल एक बच्चे को उसकी मां को गौर से सुनते हुए देखना है और उन ध्वनियों को दोहराने की कोशिश करना है जो वह समझती हैं कि संवाद करने के लिए कितना मौलिक है।

संचार, अपने सरलतम पर, सूचना को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का कार्य है। यह मुखर रूप से (आवाज का उपयोग करके), लिखित (मुद्रित या डिजिटल मीडिया का उपयोग कर सकता है जैसे किताबें, पत्रिकाएं, वेबसाइट या ईमेल), नेत्रहीन (लोगो, नक्शे, चार्ट या ग्राफ़ का उपयोग करके) या गैर-मौखिक रूप से (बॉडी लैंग्वेज, इशारों का उपयोग करके) स्वर और आवाज की पिच)। व्यवहार में, यह अक्सर इनमें से कई का संयोजन होता है।

Communication Purpose (संचार के उद्यशेय)

संचार के उद्यशेय=संचार द्वारा व्यक्ति एक दूसरे से आपसी भाषा का आदान प्रदान करते है।या हम इस प्रकार से ही कह सकते है कि यह वह प्रक्रिया है जिसमे व्यक्ति एक दूसरे को पूर्ण रूप से समझते हुए आपसी विचारो का आदन प्रदान करते है। संचार की मुख्य जरूरतों व्यक्तियों को अपने पूरे परिवार समाज मित्रो तथा विभिन्न संगठनों के साथ बह तर माध्यम वो द्वारा होती है जैसे, भाषा संकेत चिहन तथा शारीरिक हाव भाव आदि संचार द्वारा व्यक्ति अपने लक्ष्य यो को आसानी से प्राप्त कर सकते है। संचार प्रक्रिया सूचना दे ने वाले व्यक्ति के पास पहुंची है तो उसे feed back कहते है।

VISUAL POISE (शारीरिक मुद्रा या स्थिति)

VISUAL POISE

VISUAL POISE (शारीरिक मुद्रा या स्थिति,) लोग आपके बारे में अनुमान आपकी शक्ल देखकर नहीं बल्कि आपके उठने बेटना तथा चलने से भी आपका अनुमान लगा सकते हैं। अतः यह आवश्यक है कि आप के तरीका अच्छा होना चाहिए। जो थोड़े से अभ्यास के बाद प्राप्त किया जा सकता है।

Types of Poise

  • Sitting
  • Standing
  • Walking

Sitting

एक Beautician का ढंग भी active तथा चुस्त होना चाहिए। उसे सीधा तथा चुस्त होना चाहिए। कभी भी अधलेटा नहीं बैठना चाहिए । इसे आने वाले client पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कभी भी झुक कर या कूब निकालकर नहीं बैठना चाहिए। इससे देखने वाला व्यक्ति सुस्त या निकम्मा करार देगा।

Standing

इसमें शरीर के उचित posture द्वारा अपने आपको आकर्षित बना सकते हैं। अपने body posture को जानने के लिए आप दीवार की तरफ पीठ लगाकर पाव को थोड़ा सा खोले और एडियो को तीन इंच की दूरी पर रखे अगर आपके Hips, shoulder, head, दीवार को छू रहे हों और पीठ एकदम सीधी है तथा खड़े होने में कठिनाई नहीं हो रही है तो आपका body posture तो बिलकुल ठीक है। अगर आप असुभिदा अनुभव कर रही है तो आपका body posture ठीक नहीं है।

Walking (चाल)

किसी व्यक्ति की चाल उसकी उसकी व्यक्तित्व को निखारने में सहायक सिद्ध होती है। जहां active या चुस्त चाल आपके अयचिख होने को जाहिर करती है।वहीं मरी हुई चाल या सुस्त या निकमा करार दे गी। इसलिए एक beautician की चाल पर भी ध्यान देना चाहिए ताकि ग्राहक पर आपकी कार्य कुशलता का अनुरूप प्रभाव पड़े|

Same Basic of Good Grooming of an Beautician

There are Same Basic of Good Grooming of an Beautician discussed Below :

1.) अपनी देखभाल (care of your self)

शरीर को दुर्गन्ध से बचाने के लिए प्रतिदिन करना चाहिय। यह पसीने की दुर्गंध को रोकता है। इसके प्रयोग से अगर पसीना आना बंद हो जाए तो हानिकारक नहीं होता। कई बार औरते पसीने से बचने के लिय (पोशाक ढाल) dress shield कपड़े पहनती है। तथा जो undergarments पहनती है उन्हें प्रतिदिन बदलना चाहिए क्युकी इनमें से भी शरीर से दुर्गंध आ सकती है। जो दूसरों को असहनीय होती है। प्रतिदिन योगा, संतुलित भोजन और पूरी निंद्रा लेना आवश्यक है।

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2.)अपने कपड़ों की देखभाल (care of your clothes)

कपड़े हमेशा साफ दुर्गंध रहित तथा press किय हुए होने चाहिए। आपकी ड्रेस आपके कार्य के अनुरूप होनी चाहिए। एक बार पहनें हुए कपड़ों को टागना चाहि़य। ताकी पसीने से पढ़े हुय दाग सुख जाय। पहने हुए वस्त्रों के बटन ईत्यादि टूटे नहीं होने चाहिए। हर सुबह घर से निकलते समय full length mirror में देख कर सुनिश्चित करें कि आप ठीक लग रहें हो कि नहीं। कपड़ों को dandruff से कटे हुए बालो व टूटे हुए बालों से मुक्त रखना चाहिए।

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3. अपने मुंह और दांतों की देखभाल (care of your mouth and teeth)

एक Beautician के दांत साफ होने चाहए। दांतो की बदबू सारी Personality को खराब कर देती है। इससे आपके ग्राहक के उपर भी प्रभाव पड़ता है। अतः आपके दांत और मुंह साफ होने चाहिए।

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4. आपकी त्वचा और सौंदर्य प्रसाधनों की देखभाल (care of your skin and cosmetics)

एक beautician को त्वचा साफ सुथरी रखनी चाहिए। उसे simple या सादा makeup ही करना चाहिए। अपनी त्वचा को साफ हुए स्किन से match करता हुआ ही makeup करना चाहिए।

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5.) अपने हाथ और नाखूनों की देखभाल (care of your hand and nails)

Hygiene Rules (स्वच्छता नियम)

Hygiene Rules ब्यूटी पार्लर मे किए जाने वाले सभी कार्य त्वचा तथा बालो से सम्बन्ध रखते है इन कार्यों को करते समय स्वछता बनाए रखना जरूरी है
स्वच्छता बनाएं रखने के लिए तथा संक्रमण को दूर करने के लिए निम्न प्रकार से इसकी रोकथाम की जानी चाहिए (maintain hygiene and to prevent infection, it should be prevented as given below)

1. सौंदर्य विशेषक्षा कि स्वच्छता (Beauty care hygiene)

Beauty care hygiene
  • सौंदर्य विशषक्ष को शारीरिक रूप से स्वच्छ होना चाहिए अगर वह ऐ से किसी रोग से ग्रस्त है जिसमे संक्रमण फैल सकता है
    तो उसे स्वस्थ होने तक अवकाश लेना चाहिए।
  • बालो में रूसी आदि का संक्रमण नहीं होना चाहिए बालो की सवछता पर ध्यान दे अन्यथा इससे भी संक्रमण हो सकता है।
  • प्रतयेक ग्राहक का कार्य आरम्भ करने से पूर्व कीटाणु नाश क साबुन से हाथों को अवश्य धोए।
  • त्वचा सम्बन्धी कार्यों को करते समय अधिक n बोले।
  • नाखूनों को अधिक लम्बा न रखे अन्यथा उसमे भरा मेल त्वचा के रोगों को बढ़ाएगा।

2. संस्थान की स्वच्छता (Sanitation of the Institute)

Sanitation of the Institute
  • पार्लर में दीमक खटमल आदि को समाप्त करने के लिए साल में एक बार कीटाणु नाशक दवाई का छीडकाव आवश्य करवाएं |
  • ब्यूटी पार्लर में खाद्य सामग्रीयो को ईधर उधर न फेंके, अन्यथा चूहै तथा अन्य जीव उसमें आकर्षित होकर अपना बिल बनाएंगे और अनेक रोगों को बढ़ावा देंगे|
  • प्रीतिदिन जूते चपल्लो के साथ सड़क से आने वाली गन्दगी के द्वारा अनेक प्रकार के जीवाणु चले आ जाते है, जिसे रोगो के संक्रमण की संभावना रहती है इसके बचाव के किये प्रतिदिन की सफाई मै पोछे के साथ फिनाइल आदि का परियोग करे
  • ब्यूटी पारलर मै बने शोचालय आदि को ठीक प्रकार से साफ़ करवाए, कूड़ा डालने के लिए बंद कूड़ेदान हो, दुर्गन्ध और कीटाणु नाशक दवाइयों का आवश्यक प्रयोग करे

3. उपकरणों तथा प्रसाधनों की स्वच्छता (Hygiene of equipment and cosmetics)

Hygiene of equipment and cosmetics
  • तवचा की सफाई के लिए हमेशा रुई या नेपकिन आदि का प्रयोग करे
  • प्रतेक ग्राहक के लिए नयी शीट तोलिये हेयरबैंड आदि प्रयोग मै लाये
  • ग्राहकों के द्वारा परियोग किये गए कपड़ो की पूर्ण स्वच्छता के साथ ढुलाई की जानी चाहिए
  • उपकरणों को परियोग मै लेन से पहले डेटोल से पोच कर कीटाणु मुकत कर ले
  • प्रतेक ग्राहक के लिए परियोग मै लाये जाने वाले ब्रश कंघी आदि पूर्ण रूप से साफ़ कर के ही प्रयोग मै लाये,
  • प्रतेक ग्राहक के लिए परियोग मै लाये जाने वाली क्रीम या फेस पैक को आवश्यकता के अनुसार किसी पियाली मै डाल कर ही काम करे |