Types of communication (संचार करने के तरीके)

  • मौखिक संचार
  • अमोखिक
  • लिखित संचार

मौखिक संचार (Verbal Communication)

इस संचार में कोई भी सूचना या संदेश किसी भी भाषा में बोलकर या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है। एह प्रक्रिया सीधी व सरल है। इस प्रक्रिया में व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से या समूह आमने सामने या फोन द्वारा भी अपने विचारो का आदान प्रदान कर सकते है। इस संचार को मोखिक संचार कहते है। यह संचार सस्ता तथा कम समय में हो जाता है।

अमौखिक संचार (Non-linear communication)

इस संचार में कोई भी संदेश तथा सूचना जब बिना बोले अर्थात लिखक र भे जी जाती है।वह अमोखिक संचार कहलाता है इस संचार में संदेश या सूचना के लिए व्यक्ति को संपर्क में नहीं आना पड़ता है। भेजे जाने वाला संदेश सस्ता तथा सरल होता है।जिसके पड़ने वाले व्यक्ति को आसानी से समझ आ जाता है। अमोखिक संचार में व कर्ता द्वारा अपने बाल को तस्वीरों अथवा लिखकर प्रकट किया जाता है।

लिखित संचार ( Written Communication)

दृश्य संचार की भांति ही लिखकर संचार भी अमोखिक संचार का अभिन अंग है। जबकि यह सत्य है कि प्रभावी अंग से लिखना कई घंटो की तैयारी संशोधन यवम संगट्ठन का परिणाम होता है। लिखने में स्पष्ट यता मनुष्य के ज्ञान अनुशासन और कल्पना शक्ति से आती है अमोकिख संचार के अंग लिखित संचार को कब प्रयोग करना चाहिए। यह निम्नलिखित तथ्यों से स्पष्ट होता है।

  • जब संचार भविष्य के लिए उसे record में रखता हो।
  • जब संदेश इतना जटिल हो कि प्राप्त कर्ता को इसे समझने के लिए आप में पड़ने की आवश्यकता हो।
  • जब मौखिक संचार सम्भव ना हो क्योंकि लोग एक समय में एक ही संस्थान पर उपलब्ध नहीं हो जाते है।
  • यह सस्ता संचार माध्यम है

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